सर एम. विश्वेश्वरैया की विरासत और भारत का ‘डीप टेक’ सपना: क्या हम दुनिया को दिखा पाएंगे अपनी इंजीनियरिंग की ताकत?
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पुल से आप रोज़ गुजरते हैं, जिस स्मार्टफोन पर आप यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं, या जिस मेट्रो में आप सफर करते हैं, वो सब जादू से नहीं, बल्कि किसी के दिमाग की उपज हैं? वो दिमाग है एक इंजीनियर का। 15 सितंबर का दिन भारत के लिए…