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Gen Z की हड्डियों को लग रही है ‘बुढ़ापे’ की बीमारी? ये 5 गलतियां आपको बना रही हैं खोखला!

आज की युवा पीढ़ी, यानी Gen Z, फिटनेस और डाइट को लेकर इतनी जागरूक दिखती है कि लगता है कि वो कभी बूढ़े होंगे ही नहीं। जिम में घंटों पसीना बहाना, प्रोटीन शेक्स पीना और ‘क्लीन ईटिंग’ का दावा करना अब एक ट्रेंड बन चुका है। लेकिन एक चौंकाने वाला सच सामने आया है, जो इस दिखावे से बिल्कुल अलग है। डॉक्टरों का कहना है कि अब 20 से 30 साल की उम्र के युवाओं में भी वो बीमारियां देखी जा रही हैं, जो कभी बुढ़ापे का लक्षण मानी जाती थीं। जी हां, मैं बात कर रहा हूँ हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं की। पीठ दर्द, घुटनों में अकड़न, और हड्डियों का कमजोर होना—ये सब आजकल के युवाओं के लिए एक कड़वी सच्चाई बन चुके हैं।

मैं खुद एक टेक और ऑटोमोबाइल पत्रकार होने के साथ-साथ एक फिटनेस उत्साही भी हूँ। मैंने अपनी रिसर्च और कई ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स से बात करके पाया कि ये समस्या सिर्फ कुछ लोगों की नहीं, बल्कि एक बड़े वर्ग की है। इस पोस्ट में हम इसी गंभीर बीमारी की तह तक जाएंगे। मैं आपको बताऊंगा कि ऐसा क्यों हो रहा है, आपकी किन गलतियों की वजह से आपकी हड्डियां कमजोर हो रही हैं, और सबसे ज़रूरी, आप इससे खुद को कैसे बचा सकते हैं। यह पोस्ट सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक कंप्लीट गाइड है जो आपकी हड्डियों को फिर से मजबूत बना सकती है।

हड्डियों के ‘सुपरहीरो’ की कमी और Gen Z की लाइफस्टाइल

1. फैड डाइट और प्रोटीन की कमी: हड्डियों का ‘साइलेंट किलर’

अगर मैं आपसे पूछूं कि आप वजन क्यों घटाना चाहते हैं, तो शायद आपका जवाब होगा ‘सुंदर दिखने के लिए’ या ‘फिट रहने के लिए’। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेजी से वजन घटाने के चक्कर में आप अपनी हड्डियों का भी सौदा कर रहे हैं? आजकल के युवा कई तरह की ‘फैड डाइट्स’ फॉलो करते हैं, जैसे सिर्फ जूस पीना, एक्सट्रीम कार्ब कटिंग या कोई और सनकी डाइट प्लान। ये डाइट्स भले ही आपको जल्दी पतला कर दें, लेकिन ये आपके शरीर से जरूरी पोषक तत्व, खासकर प्रोटीन को छीन लेती हैं।

आपने अक्सर सुना होगा कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए होता है। एक हफ्ते तक मैंने भी यही सोचा था। लेकिन मेरी हालिया रिसर्च ने मुझे चौंका दिया। प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियों के लिए नहीं, बल्कि हड्डियों की मजबूती के लिए भी बेहद जरूरी है। हमारी हड्डियां एक तरह के प्रोटीन (जिसे कोलेजन कहते हैं) से बनी होती हैं। जब आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, तो यह कोलेजन बनना बंद हो जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। यही वजह है कि जिम जाने वाले और ‘क्लीन ईटिंग’ का दावा करने वाले युवाओं की हड्डियां कमजोर हो रही हैं।

डॉ. मनन वोरा, जो एक जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं, ने मुझे बताया, “जब आप जल्दी वजन घटाने के लिए डाइटिंग करते हैं, तो आप सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि मसल मास भी खोते हैं, जिसका सीधा असर आपकी हड्डियों की ताकत पर पड़ता है।” मैंने देखा है कि कई युवा सिर्फ एस्थेटिक्स (बाहरी सुंदरता) पर ध्यान देते हैं, लेकिन अंदर से उनके शरीर का ढांचा खोखला होता जा रहा है।

2. माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी: क्या सिर्फ ‘प्रोटीन’ काफी है?

नहीं! प्रोटीन के साथ-साथ हमारी हड्डियों को कुछ और ‘सुपरहीरोज़’ की भी जरूरत होती है। मैं बात कर रहा हूँ कैल्शियम, विटामिन डी, और मैग्नीशियम की। ये तीनों मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

फैड डाइट्स में अक्सर इन तत्वों की कमी होती है। इसके अलावा, आजकल के युवा बाहर धूप में बहुत कम निकलते हैं, जिसकी वजह से उनके शरीर को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता। मुझे खुद धूप में बैठना पसंद नहीं था, लेकिन जब मैंने इसका महत्व समझा तो अब मैं हर सुबह 15 मिनट धूप में बैठता हूँ। यह एक छोटी सी आदत है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है।

3. सेडेंटरी लाइफस्टाइल: आपकी कुर्सी आपकी ‘दुश्मन’

क्या आप भी घंटों कुर्सी पर बैठकर Netflix देखते हैं या गेम खेलते हैं? अगर हाँ, तो आप अपनी हड्डियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेडेंटरी लाइफस्टाइल, यानी शारीरिक गतिविधि की कमी, हड्डियों को कमजोर बना रही है। जब हम एक्सरसाइज करते हैं, तो हमारी हड्डियां मजबूत होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर हड्डियों पर दबाव महसूस करता है और खुद को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम और अन्य मिनरल्स को खींचता है।

मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि उसकी पीठ में दर्द रहता है। जब मैंने उससे उसकी दिनचर्या के बारे में पूछा तो पता चला कि वो दिन में 10 घंटे से ज्यादा कुर्सी पर बैठा रहता है और उसकी फिजिकल एक्टिविटी जीरो है। मैंने उसे साइकिल चलाने और थोड़ा टहलने की सलाह दी और सिर्फ एक महीने में ही उसे काफी आराम मिला।

4. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और शुगर: आपकी डाइट का ‘जहर’

शहर की लाइफस्टाइल में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स जैसे चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड आसानी से मिल जाते हैं। ये फूड्स भले ही स्वादिष्ट लगें, लेकिन इनमें प्रोटीन कम और अनहेल्दी फैट, शुगर और सोडियम ज्यादा होता है। शुगर और सोडियम शरीर में कैल्शियम के अब्ज़ॉर्प्शन को रोकते हैं, जिससे आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

5. नींद की कमी और तनाव: अंदरूनी ‘दबाव’

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी और तनाव भी एक आम समस्या बन गई है। क्या आप जानते हैं कि जब आप सोते हैं तो आपका शरीर हड्डियों की मरम्मत करता है? जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। इसी तरह, लंबे समय तक तनाव में रहने से भी शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन बनता है, जो हड्डियों के घनत्व को कम करता है।


निष्कर्ष और मेरी राय: किसे क्या करना चाहिए?

फायदे (Pros)नुकसान (Cons)
प्रोटीन: मसल्स और हड्डियों को मजबूत बनाता है।फैड डाइट: पोषक तत्वों की कमी करता है।
कैल्शियम: हड्डियों का मुख्य घटक।अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड: हड्डियों को नुकसान पहुँचाता है।
विटामिन डी: कैल्शियम सोखने में मदद करता है।सेडेंटरी लाइफस्टाइल: हड्डियों को कमजोर करता है।
नियमित एक्सरसाइज: हड्डियों को मजबूत बनाता है।नींद की कमी: शरीर की मरम्मत नहीं होने देता।
संतुलित आहार: शरीर को पूर्ण पोषण देता है।तनाव: हड्डियों के घनत्व को कम करता है।

अपनी रिसर्च और अनुभव के आधार पर, मैं यह कह सकता हूँ कि अगर आप एक Gen Z हैं जो फिटनेस के प्रति जागरूक हैं, तो आपको सिर्फ बाहरी सुंदरता पर नहीं, बल्कि अपने शरीर के अंदरूनी ढांचे पर भी ध्यान देना चाहिए। यह ‘वर्ल्ड न्यूट्रिशन वीक’ है और इस मौके पर हमें सिर्फ ‘एस्थेटिक्स’ से हटकर ‘हेल्थ’ पर ध्यान देना चाहिए।

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