आजकल हर कोई परफेक्ट दिखना चाहता है। हम अपनी डाइट से लेकर जिम तक पर लाखों खर्च करते हैं, लेकिन कुछ चीजें हमारे कंट्रोल में नहीं होतीं, जैसे कि हमारी हाइट। हाइट को लेकर अक्सर लोगों में एक तरह की असुरक्षा की भावना रहती है, खासकर पुरुषों में। इसी असुरक्षा का फायदा उठाकर एक ऐसी इंडस्ट्री फल-फूल रही है, जो दावा करती है कि वो आपको रातोंरात लंबा कर सकती है। लेकिन इसकी कीमत सिर्फ लाखों रुपये ही नहीं, बल्कि असहनीय दर्द और जोखिम भी है।
हाल ही में, एक अमेरिकी वकील, ह्यूगो रामिरेज़, ने दुनिया को चौंका दिया। उन्होंने 5’9″ से 6 फीट की हाइट पाने के लिए लगभग ₹74 लाख (98,000 डॉलर) खर्च किए और एक ऐसी सर्जरी करवाई, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप उठेगी। इस सर्जरी का नाम है- लिंब-लेंग्थनिंग सर्जरी (Limb-Lengthening Surgery)। यह कोई आम प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक बेहद जटिल और दर्दनाक ऑपरेशन है। तो क्या है इस सर्जरी का सच? क्यों लोग इस दर्दनाक रास्ते को चुन रहे हैं? आइए, इस पोस्ट में हम सब कुछ विस्तार से जानते हैं।
जब मैंने पहली बार इस सर्जरी के बारे में सुना, तो मुझे लगा यह कोई साइंस-फिक्शन फिल्म का सीन है। लेकिन जब मैंने इसके पीछे की मेडिकल साइंस को समझा, तो हैरान रह गया। यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं, बल्कि महीनों तक चलने वाली एक धीमी और दर्दनाक प्रक्रिया है।
कैसे काम करती है ये दर्दनाक सर्जरी?
यह सर्जरी आपकी जांघ या पिंडली की हड्डी को दो टुकड़ों में काटकर की जाती है। इस प्रक्रिया को ऑस्टियोटॉमी (Osteotomy) कहते हैं। इसके बाद, डॉक्टर एक विशेष आंतरिक या बाहरी डिवाइस (रॉड या फ्रेम) को हड्डी के अंदर या बाहर लगाते हैं। यह डिवाइस एक रिमोट कंट्रोल या चाबी की मदद से हर दिन धीरे-धीरे हड्डी के टुकड़ों को अलग करती है।
- दिन-ब-दिन का दर्द: हर दिन, आपको इस डिवाइस को कुछ मिलीमीटर तक बढ़ाना होता है। यह प्रक्रिया नई हड्डी और मांसपेशियों को विकसित होने का मौका देती है, लेकिन इसके साथ ही असहनीय दर्द भी होता है। मेरे एक डॉक्टर मित्र ने मुझे बताया कि यह दर्द बिल्कुल वैसा है जैसे आपकी हड्डियों को धीरे-धीरे खींचा जा रहा हो।
- महीनों का इंतज़ार: यह प्रक्रिया हफ्तों या महीनों तक चलती है। ह्यूगो रामिरेज़ को 3 इंच हाइट बढ़ाने में करीब तीन महीने लगे। सोचिए, तीन महीने तक असहनीय दर्द और रोज़ाना हड्डियों को खींचने की पीड़ा!
- रिकवरी का लंबा सफर: एक बार जब वांछित हाइट मिल जाती है, तो रॉड को हटा दिया जाता है। लेकिन रिकवरी में भी कई महीने लग जाते हैं। इस दौरान, आपको फिजियोथेरेपी की सख्त जरूरत होती है ताकि आपकी मांसपेशियां और नसें वापस सामान्य हो सकें।
क्या यह सर्जरी सिर्फ कॉस्मेटिक है?
नहीं। मेडिकल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह सर्जरी मूल रूप से मेडिकल कारणों से विकसित की गई थी।
- असमान पैर: जिन लोगों के एक पैर की लंबाई दूसरे से कम होती है, उनके लिए यह सर्जरी किसी वरदान से कम नहीं है।
- जन्मजात दोष: कुछ जन्मजात विकारों को ठीक करने के लिए भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
- ट्रॉमा के बाद: गंभीर दुर्घटनाओं के बाद जब हड्डियों को नुकसान पहुँचता है, तो लिंब-लेंग्थनिंग सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
लेकिन आज, इसका सबसे बड़ा उपयोग कॉस्मेटिक कारणों के लिए हो रहा है, जो अपने आप में एक चिंता का विषय है। 74 लाख रुपये का खर्च और इतना बड़ा जोखिम सिर्फ इसलिए उठाना, क्योंकि आप समाज के ‘परफेक्शन’ के मापदंडों पर खरा उतरना चाहते हैं, यह सोचने वाली बात है।
द वर्डिक्ट: तो क्या आपको ये सर्जरी करवानी चाहिए?
मैंने खुद कई लोगों से बात की है जो अपनी हाइट को लेकर परेशान रहते हैं। मैंने देखा है कि कैसे यह एक व्यक्ति के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। लेकिन मैं एक बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूँ- यह सर्जरी हर किसी के लिए नहीं है और केवल तभी करवाई जानी चाहिए जब यह चिकित्सकीय रूप से आवश्यक हो।
यहाँ इस सर्जरी के कुछ फायदे और नुकसान दिए गए हैं:
| फायदे (Pros) | नुकसान (Cons) |
|---|---|
| ✓ हाइट में स्थायी वृद्धि | ✗ अत्यधिक दर्द और जटिल प्रक्रिया |
| ✓ आत्मविश्वास बढ़ा सकती है (अगर सफल हो) | ✗ ₹74 लाख तक का भारी-भरकम खर्च |
| ✓ असमान पैरों जैसी मेडिकल समस्याओं का समाधान | ✗ रिकवरी में महीनों लग सकते हैं |
| ✗ तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं को नुकसान का खतरा | |
| ✗ संक्रमण (Infection) और हड्डी न जुड़ने का जोखिम | |
| ✗ कई सालों तक दर्द और चलने में दिक्कत हो सकती है |
अगर आप केवल कॉस्मेटिक कारणों से अपनी हाइट बढ़ाना चाहते हैं, तो मैं आपको यही सलाह दूंगा कि आप अपने आप को स्वीकार करें। हर इंसान अपने आप में खास है और सुंदरता की परिभाषा सिर्फ हाइट या रंग तक सीमित नहीं है। अपने कौशल, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास पर काम करें। वही चीज़ें आपको सच में बड़ा बनाती हैं, न कि आपकी हाइट।