आज के समय में जब हर कोई एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर की तलाश में है, तो सरकारी नौकरी का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग और डिप्लोमा की पढ़ाई करते हैं, और उनका एक ही सपना होता है – एक प्रतिष्ठित पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) में नौकरी पाना। एक ऐसी नौकरी जो न सिर्फ अच्छी सैलरी दे, बल्कि जॉब सिक्योरिटी और बेहतरीन लाइफस्टाइल भी सुनिश्चित करे।
हाल ही में, देश की दो बड़ी महारत्न कंपनियां, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) ने एक साथ कई बंपर भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी करके इस सपने को हकीकत में बदलने का मौका दिया है। मैं, मीरा, एक दशक से ज्यादा समय से इस क्षेत्र को कवर कर रही हूं, और मैं आपको बता सकती हूं कि यह मौका कितना बड़ा है। ये सिर्फ भर्तियां नहीं हैं, ये आपके भविष्य के लिए एक सुनहरा अवसर हैं। इस आर्टिकल में, मैं आपको इन दोनों भर्तियों का एक डीप-डाइव विश्लेषण दूंगी, ताकि आप सही फैसला ले सकें।
NHPC और PGCIL: क्या है यह मौका?
जब मैंने पहली बार इन नोटिफिकेशन को देखा, तो मुझे तुरंत समझ आ गया कि यह कोई सामान्य भर्ती नहीं है। NHPC और PGCIL, दोनों ही देश के पावर सेक्टर की रीढ़ हैं। एक तरफ जहां NHPC भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत कंपनी है, वहीं PGCIL देश की पावर ट्रांसमिशन का जिम्मा संभालती है। इन दोनों ने मिलकर 1800 से भी ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है, जिनमें इंजीनियर्स (ट्रेनी और फील्ड इंजीनियर) और नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों (जूनियर इंजीनियर, सुपरवाइजर, सीनियर अकाउंटेंट) के लिए वैकेंसी हैं। यह संख्या अपने आप में बहुत बड़ी है और लाखों युवाओं को एक नई उम्मीद देती है।
डीप-डाइव: क्या ऑफर कर रहे हैं ये PSU?
मैं आपको एक-एक करके इन दोनों नोटिफिकेशन्स के मुख्य बिंदुओं के बारे में बताती हूँ, जिससे आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी।
1. पदों की संख्या और प्रकार (Vacancies & Posts)
- NHPC: NHPC ने 248 नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें सबसे ज्यादा वैकेंसी जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल) के लिए हैं, जिनके लिए डिप्लोमा धारक आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सीनियर अकाउंटेंट, हिंदी ट्रांसलेटर और असिस्टेंट राजभाषा ऑफिसर जैसे पद भी शामिल हैं।
- PGCIL: PGCIL ने तो सचमुच कमाल कर दिया है! उन्होंने 1543 से भी ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें फील्ड इंजीनियर (B.Tech वालों के लिए) और फील्ड सुपरवाइजर (डिप्लोमा धारकों के लिए) की बंपर वैकेंसी है। यह संख्या पिछले कुछ सालों की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक है।
2. शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age Limit)
- NHPC:
- जूनियर इंजीनियर: किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित ट्रेड (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, E&C) में 3 साल का रेगुलर डिप्लोमा।
- अन्य पद: योग्यता पदों के अनुसार अलग-अलग है, जैसे सीनियर अकाउंटेंट के लिए इंटर CA/CMA पास होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: अधिकतम 30 वर्ष। SC/ST को 5 साल और OBC को 3 साल की छूट मिलेगी।
- PGCIL:
- फील्ड इंजीनियर: संबंधित ट्रेड (सिविल, इलेक्ट्रिकल) में B.Tech/B.Sc इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ कम से कम 1 साल का अनुभव।
- फील्ड सुपरवाइजर: संबंधित ट्रेड (सिविल, इलेक्ट्रिकल) में 3 साल का रेगुलर डिप्लोमा के साथ कम से कम 1 साल का अनुभव।
- आयु सीमा: अधिकतम 29 वर्ष। सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।
मेरा अनुभव: मैंने दोनों कंपनियों के लिए पिछले नोटिफिकेशन्स को भी ट्रैक किया है। PGCIL का इस बार का नोटिफिकेशन खासकर अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए एक बेहतरीन मौका है, क्योंकि यह सीधे फील्ड इंजीनियर और सुपरवाइजर के पदों के लिए है, न कि ट्रेनी के लिए। वहीं, NHPC का फोकस जूनियर लेवल पर है, जो नए डिप्लोमा धारकों के लिए एक शानदार शुरुआत हो सकती है।
3. सैलरी और अलाउंस (Salary & Perks)
यह वो सेक्शन है जिसके लिए हर कोई उत्साहित रहता है, और मैं आपको बता दूं कि ये दोनों कंपनियां सैलरी के मामले में बिल्कुल निराश नहीं करतीं।
- NHPC (नॉन-एग्जीक्यूटिव): जूनियर इंजीनियर जैसे पदों के लिए पे स्केल ₹29,600 से शुरू होकर ₹1,19,500 तक जाता है। इसके साथ ही, कई तरह के भत्ते (अलाउंस) जैसे महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।
- PGCIL (फील्ड इंजीनियर & सुपरवाइजर):
- फील्ड इंजीनियर: ₹30,000 से ₹1,20,000 का पे स्केल। इसके साथ HRA और अन्य भत्ते मिलाकर सालाना पैकेज लगभग ₹8.9 लाख तक पहुंच जाता है।
- फील्ड सुपरवाइजर: ₹23,000 से ₹1,05,000 का पे स्केल। कुल मिलाकर सालाना पैकेज लगभग ₹6.8 लाख तक हो सकता है।
4. चयन प्रक्रिया (Selection Process)
दोनों कंपनियों की चयन प्रक्रिया में थोड़ी भिन्नता है, लेकिन मूल रूप से ये ऑनलाइन लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पर आधारित हैं।
- NHPC: उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में उनके प्रदर्शन के आधार पर होगा।
- PGCIL: फील्ड इंजीनियर के लिए लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू होगा। फील्ड सुपरवाइजर के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा होगी।
दिक्कतें और चुनौतियां:
- PGCIL में अनुभव की शर्त: फील्ड इंजीनियर और सुपरवाइजर पदों के लिए 1 साल का अनुभव मांगा गया है, जो कुछ फ्रेशर्स के लिए एक चुनौती हो सकती है।
- दोनों परीक्षाओं का एक साथ होना: अगर दोनों परीक्षाओं की तारीखें आसपास पड़ती हैं, तो उम्मीदवारों को एक को चुनना पड़ सकता है, क्योंकि दोनों का सिलेबस थोड़ा अलग है।
- परीक्षा में कड़ी प्रतिस्पर्धा: लाखों उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करेंगे, इसलिए परीक्षा की तैयारी बहुत ही गंभीरता से करनी होगी।