एक चौंकाने वाली सरकारी रिपोर्ट ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में 10 से 19 साल के बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल (LDL) की समस्या सबसे ज्यादा पाई गई है। यह आंकड़ा बताता है कि हमारे बच्चों की सेहत किस खतरे की ओर बढ़ रही है। हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर वयस्कों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह बच्चों में भी तेजी से फैल रही है। इसके पीछे का मुख्य कारण है- हमारा बदलता लाइफस्टाइल और खानपान की खराब आदतें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसके तीन सबसे बड़े गुनहगार हैं- फास्ट फूड, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और स्क्रीन टाइम। आज के बच्चे घर के खाने के बजाय पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और चिप्स को ज्यादा पसंद करते हैं। ये फूड्स नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट से भरे होते हैं, जो सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। दूसरा, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, जैसे पैकेट बंद जूस और स्नैक्स, जिनमें पोषक तत्व न के बराबर होते हैं, लेकिन ये कैलोरी और खराब फैट से भरपूर होते हैं।
तीसरा और सबसे बड़ा कारण है- शारीरिक गतिविधि की कमी। बच्चे खेलने-कूदने के बजाय घंटों मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम में लगे रहते हैं। इससे उनका वजन बढ़ता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल बच्चों में धीरे-धीरे धमनियों में प्लाक (plaque) बनाता है, जिससे दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती है।
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि माता-पिता को अपने बच्चों के खानपान पर खास ध्यान देना चाहिए। उन्हें घर का बना पौष्टिक खाना खिलाएं, जिसमें फल, सब्जियां, और फाइबर युक्त चीजें शामिल हों। साथ ही, बच्चों को कम से कम एक घंटा खेलने-कूदने के लिए प्रेरित करें। यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास दोनों के लिए जरूरी है। याद रखें, आप जो आज बोएंगे, वही कल काटेंगे। अपने बच्चों के भविष्य को सेहतमंद बनाने की जिम्मेदारी आपकी है।
