ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को “कर्मफल दाता” कहा जाता है। यानी, यह ग्रह हमारे कर्मों के हिसाब से फल देता है। जब शनि वक्री (उल्टी चाल) होते हैं, तो कई लोगों के जीवन में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। लेकिन अब एक बड़ी खबर है: शनि अपनी वक्री चाल खत्म कर मार्गी यानी सीधी चाल चलने जा रहे हैं। इस बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, 3 राशियाँ ऐसी हैं जिनके लिए यह समय बहुत ही शुभ साबित होगा। अगर आप इनमें से किसी एक राशि के हैं, तो समझ लीजिए कि अब आपकी किस्मत का सितारा चमकने वाला है।
क्या होता है शनि का मार्गी होना?
जब कोई ग्रह सीधी चाल चलता है, तो उसे मार्गी कहा जाता है। शनि के मार्गी होने से इसकी शुभता बढ़ जाती है और इसका प्रभाव अधिक सकारात्मक होता है। ज्योतिष में माना जाता है कि वक्री शनि के कारण रुके हुए काम, करियर में रुकावटें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ पैदा होती हैं। लेकिन जैसे ही यह ग्रह मार्गी होता है, इन सभी परेशानियों से राहत मिलने लगती है और जीवन में स्थिरता आती है।
इन 3 राशियों पर बरसेगी शनि देव की कृपा
- मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों के लिए शनि का मार्गी होना किसी वरदान से कम नहीं है। आपकी राशि के स्वामी शनि देव ही हैं। इस दौरान आपके रुके हुए काम पूरे होंगे। करियर और व्यापार में शानदार तरक्की के योग बन रहे हैं। जो लोग नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी और फालतू खर्चों पर लगाम लगेगी।
- मीन राशि (Pisces): मीन राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर बेहद लाभदायक रहेगा। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी खत्म होगी। आपकी आय के नए रास्ते खुलेंगे। अगर आप कोई नया बिज़नेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय बहुत ही शुभ है। इसके अलावा, विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जिससे आपको करियर में बड़ा फायदा मिलेगा।
- वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों के लिए यह बदलाव भाग्य में वृद्धि लेकर आएगा। आपकी मेहनत का फल मिलेगा और आप जो भी काम करेंगे, उसमें सफलता मिलेगी। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें बहुत अच्छे ऑफर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा।
क्या करना चाहिए इस समय?
शनि को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय ज़रूर करें। हर शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और गरीबों को दान करें। इसके अलावा, हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी शनि के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। याद रखें, शनि सिर्फ कर्मों का फल देते हैं, इसलिए अच्छे कर्म करते रहें।