अगर आप भारतीय आईटी सेक्टर में काम करते हैं या इस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो ये खबर आपको परेशान कर सकती है. बीते कुछ महीनों से देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है, और नई भर्तियां भी लगभग बंद हो गई हैं. एक तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और विप्रो (Wipro) जैसी दिग्गज कंपनियां हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं, तो दूसरी तरफ, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों में भी नई भर्तियों की संख्या में 72% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है.
आखिर क्यों आ रहा है यह संकट?
आप सोच रहे होंगे कि आखिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में ऐसा क्यों हो रहा है? विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे सबसे बड़ी वजह है AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ऑटोमेशन.
- AI ने बदला काम का तरीका: आजतक और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स बताती हैं कि AI टूल्स, जैसे ChatGPT और Gemini, अब वह काम मिनटों में कर सकते हैं, जिसे करने में पहले घंटों लगते थे. प्रोग्रामिंग, टेस्टिंग और बेसिक सपोर्ट जैसे काम अब AI के जरिए ऑटोमेटिक हो रहे हैं.
- कंपनियों को चाहिए ‘कम में ज्यादा’: बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अब क्लाइंट्स से ऐसी डील कर रही हैं, जिनमें कम लोगों से ज्यादा काम किया जा सके. इससे उनका खर्च कम होता है और मुनाफा बढ़ता है.
- मिड-लेवल कर्मचारियों पर सबसे बड़ा खतरा: यह छंटनी सबसे ज्यादा उन लोगों को प्रभावित कर रही है, जिनके पास 10 से 20 साल का अनुभव है और जो मिड-लेवल या सीनियर पदों पर हैं. ये कर्मचारी अक्सर ज्यादा सैलरी लेते हैं और उनके काम को अब AI और ऑटोमेशन से बदला जा रहा है.
क्या आईटी सेक्टर खत्म हो रहा है?
विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी सेक्टर खत्म नहीं हो रहा है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जो लोग अपनी स्किल्स को अपडेट नहीं करेंगे, उनके लिए मुश्किलें बढ़ेंगी.
- पुराने स्किल्स की डिमांड घटी: क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिसिस और AI जैसी नई टेक्नोलॉजी की डिमांड लगातार बढ़ रही है. वहीं, पुराने स्किल सेट वाले कर्मचारियों की मांग तेजी से घट रही है.
- फ्रेशर्स के लिए मौका: अच्छी खबर यह है कि नई भर्तियों में गिरावट के बावजूद, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में 4 से 4.5 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास AI और डेटा से जुड़े स्किल्स हैं.
- स्किल गैप बना सबसे बड़ी चुनौती: यह संकट सिर्फ नौकरी का नहीं, बल्कि ‘स्किल गैप’ का भी है. कंपनियों को नए काम के लिए कुशल कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं, जबकि पुराने कर्मचारी नई टेक्नोलॉजी सीखने में पीछे रह गए हैं.
तो अब क्या करें?
अगर आप इस मुश्किल समय में अपने करियर को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो एक ही मंत्र है: ‘खुद को अपग्रेड करो’!
- नई टेक्नोलॉजी सीखें: AI/ML (मशीन लर्निंग), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, और साइबरसिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल करें.
- प्रैक्टिकल अनुभव पर जोर दें: सिर्फ डिग्री के पीछे न भागें, बल्कि इंटर्नशिप, फ्रीलांसिंग और शॉर्ट-टर्म बूटकैंप्स के जरिए प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करें.
- नेटवर्किंग बढ़ाएं: उद्योग के लोगों से मिलें और नए अवसरों के बारे में जानकारी रखें.
याद रखें, ये समय डरने का नहीं, बल्कि सीखने और बदलने का है. जो इस बदलाव को अपना लेगा, वह न सिर्फ अपनी नौकरी बचा पाएगा, बल्कि भविष्य में एक बेहतर करियर भी बना पाएगा.
क्लिकबेट इमेज प्रॉम्प्ट: एक युवा व्यक्ति जो परेशान दिख रहा है, और उसके पीछे एक बड़ा रोबोट या AI का लोगो है. रोबोट के हाथ में एक तलवार है जो उसकी नौकरी को काट रही है. फोटो में कुछ पुराने लैपटॉप और फाइलें बिखरी हुई हैं, जो पुरानी टेक्नोलॉजी को दर्शा रही हैं.
