आजकल के बच्चे अपना ज़्यादातर समय स्मार्टफोन, वीडियो गेम्स और टीवी के सामने बिता रहे हैं। बाहर खेलने-कूदने की जगह, उनका बचपन अब चार दीवारी के अंदर बंद हो गया है। ऊपर से, ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स ने पिज्जा, बर्गर और चिप्स जैसे जंक फूड तक पहुंच बहुत आसान कर दी है। इसी का नतीजा है कि भारत में बच्चों में मोटापा एक ‘खामोश महामारी’ की तरह फैल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है। एक समय था जब मोटापा सिर्फ वयस्कों की समस्या मानी जाती थी, लेकिन अब यह बच्चों और किशोरों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। कम फिजिकल एक्टिविटी और खराब खान-पान के चलते उनका वजन तेजी से बढ़ रहा है।
मोटापे के पीछे का विज्ञान
जब बच्चे ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाते हैं और उसे बर्न नहीं कर पाते, तो अतिरिक्त कैलोरी शरीर में फैट के रूप में जमा हो जाती है। यह फैट सिर्फ बाहरी रूप से ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है। मोटापे के कारण बच्चों को बचपन में ही कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे:
- टाइप-2 डायबिटीज: जो पहले सिर्फ वयस्कों में दिखती थी, वो अब बच्चों में आम हो रही है।
- हाई ब्लड प्रेशर: कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या।
- स्लीप एपनिया: सोते समय सांस लेने में दिक्कत।
- फैटी लिवर: लिवर में फैट जमा होना, जो बाद में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
- हड्डियों और जोड़ों का दर्द: शरीर का अतिरिक्त वजन हड्डियों और जोड़ों पर दबाव डालता है।
इसके अलावा, मोटापे से पीड़ित बच्चों को मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे कम आत्मविश्वास और डिप्रेशन।
माता-पिता के लिए कुछ जरूरी बातें
अगर आप अपने बच्चे को इस खतरे से बचाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी कदम उठाएं:
- स्क्रीन टाइम कम करें: बच्चे का स्क्रीन टाइम सीमित करें और उसे बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
- संतुलित आहार: घर में बना पौष्टिक खाना दें। उनकी डाइट में फल, सब्जियां, दालें और प्रोटीन शामिल करें। जंक फूड और मीठे ड्रिंक्स से बचें।
- रोजाना व्यायाम: सुनिश्चित करें कि बच्चा हर दिन कम से कम 60 मिनट तक एक्टिव रहे। इसमें खेलना, साइकिल चलाना या कोई भी खेल शामिल हो सकता है।
- रोल मॉडल बनें: माता-पिता को खुद भी स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। अगर आप स्वस्थ रहेंगे, तो आपके बच्चे भी आपसे सीखेंगे।
बच्चों का भविष्य उनके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। आज उठाए गए छोटे कदम कल उन्हें एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन दे सकते हैं।
