क्या आपको लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ भूलने की बीमारी (Dementia) और याददाश्त कमजोर होना (Alzheimer’s) सामान्य है? अगर हां, तो आप गलत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बीमारियां सिर्फ उम्र से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि इसका सीधा संबंध भारत में तेजी से फैल रही दो बड़ी बीमारियों से है – डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर।
भारत में 10 करोड़ से ज़्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 22 करोड़ से ज़्यादा लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। अब एक नई रिसर्च ने इन दोनों बीमारियों को अल्जाइमर और डिमेंशिया के लिए बड़ा खतरा बताया है। डायबिटीज के मरीजों में डिमेंशिया होने का खतरा 50 से 60% ज्यादा होता है, जबकि हाई ब्लड प्रेशर इस खतरे को दोगुना कर देता है।
यह खतरा क्यों बढ़ रहा है?
अल्जाइमर जैसी बीमारियां रातों-रात नहीं होतीं। ये सालों से शरीर में पनप रही समस्याओं का नतीजा होती हैं। भारत में लोग कम उम्र में ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो रहे हैं, कई बार तो 30-40 साल की उम्र में ही। यह सब अनियंत्रित खान-पान, तनाव और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण हो रहा है। यही वजह है कि मस्तिष्क पर होने वाला नुकसान भी कम उम्र में ही शुरू हो जाता है, जिसका असर बुढ़ापे में दिखाई देता है।
कैसे करें बचाव?
हालांकि अल्जाइमर का कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन इसे रोकना या टालना संभव है।
- नियमित जांच: अपने ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं और इसे नियंत्रण में रखें।
- हेल्दी डाइट: अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, और प्रोटीन को शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड, मीठे और नमक वाले खाने से दूरी बनाएं।
- रोजाना एक्सरसाइज: रोजाना 30-45 मिनट तक व्यायाम करें।
- दिमाग को एक्टिव रखें: पहेलियां सुलझाएं, किताबें पढ़ें, या कोई नई स्किल सीखें। इससे आपका दिमाग एक्टिव रहता है।
- अच्छी नींद: रात में 7-9 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें। नींद दिमाग को रिपेयर करने का काम करती है।
- सामाजिक रहें: अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं। सामाजिक जुड़ाव तनाव को कम करता है और दिमाग को स्वस्थ रखता है।
याद रखें, डिमेंशिया या भूलने की बीमारी को सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका समय पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर आप अपने दिमाग को बुढ़ापे तक मजबूत और स्वस्थ रख सकते हैं।
