और आज मैं आपसे एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहा हूँ जिसने मुझे खुद चौंका दिया है। हम सब ने यही सुना है कि दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक खराब खान-पान, कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव जैसी चीजों से होता है। यह बात सच भी है। लेकिन अगर मैं आपसे कहूँ कि आपके मुँह में रहने वाले कुछ छोटे, अदृश्य बैक्टीरिया भी आपके दिल के लिए एक ‘टाइम बॉम्ब’ की तरह हैं, तो क्या आप यकीन करेंगे?
एक जाने-माने अमेरिकन रिसर्च जर्नल, ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ़ पैथोलॉजी’ में हाल ही में छपी एक स्टडी ने इस बात को साबित कर दिया है। यह कोई छोटी-मोटी रिपोर्ट नहीं, बल्कि एक गहन वैज्ञानिक विश्लेषण है जिसने मेडिकल साइंस की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस लेख में, मैं आपको इस चौंकाने वाली रिसर्च की पूरी कहानी बताऊंगा, जिसे मैंने खुद गहराई से पढ़ा और समझा है। हम जानेंगे कि कैसे मुँह की छोटी सी लापरवाही आपके दिल पर भारी पड़ सकती है और सबसे महत्वपूर्ण, आप इससे कैसे बच सकते हैं। यह सिर्फ एक लेख नहीं, बल्कि आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए एक चेतावनी और एक समाधान है।
हम सब अपनी कार का ख्याल रखते हैं। अगर इंजन में छोटी सी गड़बड़ हो, तो हम तुरंत मैकेनिक के पास जाते हैं। हम जानते हैं कि एक छोटी सी समस्या बाद में एक बड़ा एक्सीडेंट करवा सकती है। ठीक इसी तरह हमारा शरीर भी एक जटिल मशीन है, और हमारा मुँह इसके ‘इनटेक सिस्टम’ की तरह है। हम अक्सर अपने मुँह को केवल खाने और बोलने का माध्यम समझते हैं, लेकिन वैज्ञानिक अब यह साबित कर रहे हैं कि यह हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों, जैसे कि दिल, का सीधा प्रवेश द्वार है।
इस नई रिसर्च ने साफ कर दिया है कि ‘विरिडन्स स्ट्रेप्टोकोसी’ (viridans streptococci) नाम का एक बैक्टीरिया, जो आमतौर पर हमारे मुँह में पाया जाता है और दांतों पर प्लाक (Plaque) और मसूड़ों में संक्रमण (Gum infection) का कारण बनता है, सीधे हमारे खून में मिलकर दिल तक पहुँच सकता है। जब मैंने पहली बार यह पढ़ा, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ एक और थ्योरी होगी। लेकिन जब मैंने इस स्टडी के डेटा को देखा, तो मेरे होश उड़ गए। वैज्ञानिकों ने दिल के दौरे से मरने वाले लोगों के दिल और धमनियों में इस बैक्टीरिया के सबूत पाए हैं! यह बैक्टीरिया वहाँ चुपके से जमा हो जाता है और सूजन (Inflammation) पैदा करता है, जिससे दिल की धमनियां सिकुड़ सकती हैं और ब्लॉकेज हो सकती हैं। यह बिल्कुल ऐसा है जैसे आपकी कार के फ्यूल पाइप में कचरा जम जाए, जिससे इंजन को तेल मिलना बंद हो जाए और वह काम करना बंद कर दे।
चलिए, इसे थोड़ा और विस्तार से समझते हैं।
इंजन और फ्यूल पाइप का एनालॉजी
हमारे दिल की धमनियां (Arteries) हमारी कार के फ्यूल पाइप की तरह होती हैं, जो इंजन (दिल) तक ईंधन (ऑक्सीजन और पोषक तत्व) पहुँचाती हैं। जब हम अपने दाँतों को ठीक से साफ नहीं करते, तो मुँह में बैक्टीरिया का एक ‘गैंग’ बन जाता है। ये बैक्टीरिया मसूड़ों को कमजोर करते हैं और उनमें सूजन पैदा करते हैं। जब हम ब्रश करते हैं या कुछ खाते हैं, तो ये सूजे हुए मसूड़े खून बहने लगते हैं, और यहीं से इन बैक्टीरिया को खून की धारा में घुसने का मौका मिल जाता है।
एक बार खून में घुसने के बाद, ये ‘अटैक कमांडो’ बैक्टीरिया चुपके से दिल की धमनियों तक पहुँच जाते हैं। यहाँ वे कोलेस्ट्रॉल और अन्य वसा के साथ मिलकर एक ‘प्लाक’ बना देते हैं। यह प्लाक धीरे-धीरे धमनियों को संकरा करता जाता है, जिससे दिल तक खून की सप्लाई कम हो जाती है। अंत में, यह प्लाक टूट सकता है, जिससे खून का थक्का (Blood clot) बन जाता है और धमनियों में पूरी तरह से ब्लॉकेज हो जाती है। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे गाड़ी के फ्यूल फिल्टर में कचरा भर जाए और इंजन में पेट्रोल जाना बंद हो जाए, जिससे गाड़ी अचानक रुक जाए।
वैज्ञानिक डेटा और तथ्य (Facts & Figures)
यह सिर्फ एक थ्योरी नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस सबूत हैं:
- रिसर्च डेटा: 2016 में जापान के हिरोशिमा विश्वविद्यालय (Hiroshima University) के एक अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने दिल के दौरे के बाद सर्जरी से हटाए गए खून के थक्कों की जाँच की। उन्होंने पाया कि इनमें से 90% से अधिक थक्कों में वही बैक्टीरिया मौजूद था जो मुँह में पाया जाता है।
- इन्फ्लेमेशन कनेक्शन: मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य शरीर में ‘इन्फ्लेमेशन’ यानी सूजन का स्तर बढ़ा देता है। यह सूजन दिल की धमनियों में भी फैल जाती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा दोगुना हो जाता है।
- डायबिटीज और ओरल हेल्थ: डायबिटीज और दिल की बीमारियों के बीच एक सीधा संबंध है। रिसर्च से पता चला है कि जिन लोगों की मौखिक स्वच्छता खराब होती है, उन्हें डायबिटीज को नियंत्रित करने में भी अधिक दिक्कत होती है, जिससे दिल की बीमारियाँ और बढ़ जाती हैं।