क्या आपके घर में लगी घड़ी सिर्फ समय बताती है, या आपकी किस्मत भी बदल सकती है? यह सवाल सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन अगर आप वास्तु शास्त्र की गहरी समझ रखते हैं, तो आप जानेंगे कि एक साधारण सी दीवार घड़ी आपकी आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और घर की सुख-शांति पर सीधा प्रभाव डाल सकती है। हम अक्सर घड़ी को एक सजावट की चीज मानकर कहीं भी टांग देते हैं, लेकिन यह छोटी सी गलती आपके जीवन में बड़ी रुकावटें ला सकती है। आज इस ब्लॉग पोस्ट में, मैं आपको घड़ी से जुड़े उन वास्तु नियमों के बारे में बताऊंगा, जिन्हें अपनाकर आप न सिर्फ अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं, बल्कि अपने धन के द्वार भी खोल सकते हैं।
मैं एक पत्रकार और ब्लॉगर के तौर पर कई सालों से वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी रिसर्च कर रहा हूँ, और मेरा मानना है कि ये प्राचीन विज्ञान आज भी हमारे आधुनिक जीवन में प्रासंगिक हैं। इस आर्टिकल में, हम घड़ी के सही स्थान, आकार, रंग और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक गहरी नज़र डालेंगे और समझेंगे कि क्यों कुछ घड़ियाँ हमारे लिए शुभ होती हैं और कुछ अशुभ।
सही दिशा: किस्मत का दरवाज़ा खोलती है घड़ी की दिशा
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का गहरा महत्व है। हर दिशा एक खास ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है। घड़ी लगाने के लिए कुछ दिशाएँ बेहद शुभ मानी जाती हैं, जबकि कुछ से पूरी तरह बचना चाहिए।
- उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा): उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर का स्थान है। इस दिशा में घड़ी लगाना सबसे शुभ माना जाता है। मेरा अपना अनुभव रहा है कि जब मैंने अपने घर की घड़ी को उत्तर दिशा में शिफ्ट किया, तो मेरे काम में नए अवसर आने लगे और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। यह दिशा आपके लिए नए आर्थिक स्रोत खोलती है और धन आगमन के रास्ते प्रशस्त करती है।
- पूर्व दिशा (इंद्र की दिशा): पूर्व दिशा देवताओं के राजा इंद्र की दिशा है, जो समृद्धि और सफलता का प्रतीक हैं। यह दिशा आपके जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली लाती है। पूर्व दिशा में लगी घड़ी परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द बढ़ाती है और करियर में प्रगति सुनिश्चित करती है।
- पश्चिम दिशा: अगर आपके घर में उत्तर या पूर्व दिशा में जगह नहीं है, तो पश्चिम दिशा भी एक अच्छा विकल्प है। यह दिशा आपके जीवन में स्थिरता और उन्नति ला सकती है। हालांकि, इसे उत्तर और पूर्व के बाद ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस दिशा में घड़ी लगाना है सबसे बड़ी गलती!
वास्तु के अनुसार, घड़ी को दक्षिण दिशा में लगाना सबसे बड़ी और सबसे घातक गलती मानी जाती है। दक्षिण दिशा यम की दिशा है, जो ठहराव, मृत्यु और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी है।
- क्यों बचें? दक्षिण दिशा में लगी घड़ी परिवार के मुखिया के लिए दुर्भाग्य, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और करियर में रुकावटें ला सकती है। यह आपके जीवन की गति को धीमा कर देती है। अगर आपके घर में घड़ी दक्षिण दिशा में लगी है, तो मेरी सलाह है कि उसे तुरंत हटाकर किसी शुभ दिशा में लगा दें। मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जिन्होंने इस एक छोटे से बदलाव से अपने जीवन में सकारात्मक अंतर महसूस किया है।
घड़ी का आकार और रंग: सिर्फ स्टाइल नहीं, आपकी किस्मत का आईना भी है
घड़ी का सिर्फ स्थान ही नहीं, उसका आकार और रंग भी आपके भाग्य पर असर डालता है।
- आकार: गोल (Circular) और अंडाकार (Oval) घड़ियां सबसे शुभ मानी जाती हैं। ये सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को दर्शाती हैं। वहीं, त्रिकोणीय या अनियमित आकार की घड़ियों से बचना चाहिए, क्योंकि वे ऊर्जा का असंतुलन पैदा कर सकती हैं।
- रंग: घड़ी के लिए हल्के और सुखद रंग जैसे सफ़ेद, नीला, हल्का हरा या हल्का पीला चुनें। ये रंग शांति और समृद्धि का प्रतीक हैं। गहरे, भड़कीले या काले रंग की घड़ियों से बचें, क्योंकि वे नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं और घर में तनाव पैदा कर सकती हैं। मैंने खुद अपनी पिछली काली घड़ी को बदलकर एक सफेद गोल घड़ी लगाई और घर में एक अलग ही शांति महसूस हुई।
कुछ और जरूरी नियम जिनका ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है
मैंने कई लोगों को इन छोटी-छोटी गलतियों को करते देखा है, जिनका बड़ा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
- बंद घड़ी: घर में कभी भी बंद या खराब घड़ी न रखें। यह आपके जीवन में ठहराव, रुकावट और प्रगति की कमी का प्रतीक है। मैं हमेशा सलाह देता हूँ कि अगर घड़ी खराब हो जाए, तो उसे तुरंत ठीक कराएं या बदल दें।
- साफ-सफाई: घड़ी के शीशे और डायल को हमेशा साफ रखें। धूल-मिट्टी वाली घड़ी नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन सकती है।
- मुख्य दरवाजे के ठीक ऊपर नहीं: घड़ी को कभी भी मुख्य दरवाजे के ठीक ऊपर न लगाएं। यह आपके घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बाधित कर सकता है।
- घड़ी का समय: हमेशा अपनी घड़ी का समय 1-2 मिनट आगे रखें। यह आपके जीवन को समय से आगे और प्रगतिशील रखता है। पीछे चलने वाली घड़ी दुर्भाग्य ला सकती है।
मेरा अंतिम फैसला: घड़ी सिर्फ समय नहीं, आपका भविष्य है
| घड़ी से जुड़े वास्तु नियम (सार) |
|---|
| फायदे: |
| ✅ उत्तर और पूर्व दिशा में लगाएं। |
| ✅ गोल या अंडाकार आकार की घड़ी चुनें। |
| ✅ हल्के और सुखद रंगों का इस्तेमाल करें। |
| ✅ बंद और खराब घड़ी तुरंत हटाएं। |
| ✅ समय 1-2 मिनट आगे रखें। |
इन छोटे-छोटे वास्तु नियमों का पालन करके आप न सिर्फ अपने घर को सजा सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में भी सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं। मेरी सालों की रिसर्च और अनुभव के आधार पर, मैं कह सकता हूँ कि ये नियम सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि ऊर्जा और दिशाओं के विज्ञान पर आधारित हैं।
अगर आप एक छात्र हैं और अपने करियर में प्रगति चाहते हैं, तो घड़ी को पूर्व दिशा में लगाएं। अगर आप एक व्यापारी हैं और धन कमाना चाहते हैं, तो उत्तर दिशा सबसे उत्तम है।
तो अगली बार घड़ी लगाने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें। मुझे कमेंट में बताएं कि आपके घर में घड़ी किस दिशा में लगी है और क्या आप इन नियमों का पालन करते हैं।