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गलत दिशा में खाना बनाना बना सकता है आपको बीमार और गरीब! Vastu के इन नियमों का पालन करें और देखें चमत्कार!

क्या आपके घर में बिना वजह के वाद-विवाद होते हैं? क्या परिवार में किसी न किसी की सेहत खराब रहती है? या फिर क्या आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं? अक्सर हम इन समस्याओं का कारण बाहर ढूंढते हैं, लेकिन Vastu शास्त्र के अनुसार, इसका सीधा संबंध आपके घर के किचन और वहां की ऊर्जा से हो सकता है। गलत जगह पर रखा हुआ चूल्हा या गलत दिशा में खाना पकाना, ये छोटी-छोटी बातें आपके जीवन में बड़ी उथल-पुथल मचा सकती हैं।

आज इस आर्टिकल में, मैं आपको किचन के Vastu का एक पूरा रोडमैप देने जा रही हूँ। मैं आपको बताऊंगी कि Vastu के अनुसार किचन की सबसे सही जगह कौन सी है, खाना बनाने की सही दिशा क्या है, और सबसे ज़रूरी, आपके किचन के छोटे-छोटे उपकरणों को कहाँ रखना चाहिए। मेरा वादा है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप न सिर्फ अपने किचन को Vastu-सम्मत बना पाएंगे, बल्कि अपने जीवन में भी एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे। तो चलिए, इस यात्रा की शुरुआत करते हैं!


किचन के लिए सबसे सही दिशा क्या है?

Vastu शास्त्र के अनुसार, किचन का सीधा संबंध अग्नि तत्व (Fire Element) से है, और अग्नि तत्व का स्थान दक्षिण-पूर्व (Southeast) दिशा है, जिसे ‘आग्नेय कोण’ भी कहते हैं। इसलिए, अगर आपका किचन दक्षिण-पूर्व दिशा में है, तो यह Vastu के हिसाब से सबसे उत्तम माना जाता है। मैंने खुद अपने कई क्लाइंट्स के घर में देखा है कि जब किचन इस दिशा में होता है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।

अगर किसी कारणवश दक्षिण-पूर्व में किचन बनाना संभव नहीं है, तो आप इसे उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में भी बना सकते हैं। यह दिशा भी Vastu के अनुसार अनुकूल मानी जाती है। हालाँकि, कुछ दिशाएं ऐसी हैं जहाँ किचन बिलकुल नहीं बनाना चाहिए।


खाना बनाने की दिशा: सबसे बड़ा Vastu नियम

यह नियम शायद किचन Vastu का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपने अपने घर का किचन सही दिशा में बनाया हो, पर अगर आप खाना गलत दिशा में मुँह करके बना रहे हैं, तो इसका नकारात्मक असर हो सकता है। Vastu के अनुसार, खाना बनाते समय आपका मुँह हमेशा इन दो दिशाओं में होना चाहिए:

मेरा अनुभव: मैंने व्यक्तिगत तौर पर कई घरों में देखा है कि जब गृहणी ने अपनी खाना बनाने की दिशा बदली, तो उनके और उनके परिवार के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। यह सिर्फ एक दिशा का बदलाव नहीं, बल्कि ऊर्जा का बदलाव है।

इन दिशाओं से बचें:


आग और पानी की लड़ाई: किचन में सिंक और चूल्हे की सही जगह

किचन में सबसे बड़ा Vastu दोष तब पैदा होता है जब जल (पानी) और अग्नि (आग) के तत्व एक दूसरे के करीब आ जाते हैं। आग और पानी एक दूसरे के विरोधी हैं।


अन्य किचन उपकरणों का Vastu-सम्मत प्लेसमेंट

सिर्फ गैस स्टोव ही नहीं, आपके किचन में मौजूद हर उपकरण का अपना Vastu महत्व है।


The Verdict: Vastu सिर्फ एक नियम नहीं, एक जीवन शैली है

मैंने आपको किचन Vastu के कुछ सबसे महत्वपूर्ण नियम बताए हैं। अब समय है एक निर्णायक निष्कर्ष पर पहुंचने का।

किचन Vastu के लिए क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts):

Do’s (क्या करें)Don’ts (क्या न करें)
किचन की दिशा: दक्षिण-पूर्व (Southeast) में बनाएं।किचन की दिशा: उत्तर-पूर्व (Northeast) या उत्तर (North) में बिलकुल न बनाएं।
खाना पकाने की दिशा: पूर्व (East) या दक्षिण-पूर्व (Southeast) की ओर मुँह करके पकाएं।खाना पकाने की दिशा: पश्चिम (West) या दक्षिण (South) की ओर मुँह करके न पकाएं।
सिंक: उत्तर-पूर्व (Northeast) में रखें।सिंक और चूल्हा: एक दूसरे से सटाकर न रखें।
रंग: दीवारों पर हल्के, सकारात्मक रंग (जैसे क्रीम, पीला, नारंगी) का प्रयोग करें।रंग: गहरा नीला, काला या ग्रे रंग न इस्तेमाल करें।
उपकरण: रेफ्रिजरेटर दक्षिण-पश्चिम में और माइक्रोवेव दक्षिण-पूर्व में रखें।टूट-फूट: किचन में कोई टूटा-फूटा सामान, जैसे टूटे हुए बर्तन, न रखें।
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